ms dhoni:भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने हमेशा अपने फैसलों से सबको चौंकाया है। चाहे कप्तानी छोड़ना हो या आईपीएल में खेलते रहना, उन्होंने कभी भी भविष्य की योजनाओं को लेकर ज्यादा कुछ नहीं कहा। हाल ही में जब यह चर्चा तेज़ हुई कि क्या धोनी आने वाले समय में भारत के कोच बन सकते हैं, तो पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ आकाश चोपड़ा ने इस पर अपनी ईमानदार राय रखी।

“कोचिंग धोनी के बस की बात नहीं” – आकाश चोपड़ा
आकाश चोपड़ा का मानना है कि धोनी शायद ही कभी भारतीय टीम का कोच बनने का फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि कोचिंग एक बेहद मुश्किल काम है और इसमें उतना ही समय देना पड़ता है, जितना खेलते समय देना पड़ता था, बल्कि कई बार उससे भी ज़्यादा। चोपड़ा के मुताबिक, धोनी अब अपने जीवन में संतुलन बना चुके हैं और आईपीएल के बाहर उन्हें ज़्यादा भागदौड़ में दिलचस्पी नहीं है।
उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा—
“मुझे नहीं लगता धोनी इसमें रुचि लेंगे। कोचिंग आसान नहीं है। यह उतना ही व्यस्त रखता है जितना खेलना और कई बार उससे भी ज़्यादा। एक खिलाड़ी पूरी ज़िंदगी सूटकेस में जीता है और जब रिटायर होता है तो परिवार के साथ समय बिताना चाहता है। यही कारण है कि कई खिलाड़ी कोचिंग में नहीं जाते और जाते भी हैं तो सिर्फ दो महीने की आईपीएल स्टिंट तक ही।”
आईपीएल में भविष्य को लेकर भी सवाल
धोनी का आईपीएल करियर भी फिलहाल चर्चाओं में है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से उनके भविष्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, धोनी ने हाल ही में एक इवेंट में साफ किया कि टीम की तैयारी और संतुलन बनाए रखने पर ज़ोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले सीज़न के लिए छोटे ऑक्शन में टीम की कमियों को दूर किया जाएगा और कोशिश होगी कि सीज़न की शुरुआत से ही टीम अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ उतरे।

धोनी सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक भावना हैं
फैंस हमेशा धोनी को मैदान पर देखना चाहते हैं। उनकी कप्तानी, उनका शांत स्वभाव और मैच के कठिन हालात में लिए गए उनके फैसले आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। लेकिन जब बात कोचिंग की आती है तो यह साफ है कि धोनी शायद ही उस रास्ते पर जाएं। उनका मानना है कि उन्होंने क्रिकेट को अपनी पूरी ज़िंदगी दी है और अब परिवार और व्यक्तिगत जीवन के साथ संतुलन बनाए रखना उनके लिए ज़्यादा अहम है।
निष्कर्ष
भले ही फैंस धोनी को भारतीय टीम के कोच के रूप में देखना चाहते हों, लेकिन हकीकत यही है कि धोनी का दिल अब ऐसी भूमिका में नहीं है। वह शायद क्रिकेट से जुड़े रहेंगे, मगर कोचिंग जैसे व्यस्त और चुनौतीपूर्ण काम से दूरी बनाए रखेंगे।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध इंटरव्यू, मीडिया रिपोर्ट्स और खिलाड़ियों के बयानों पर आधारित है। वास्तविक निर्णय और भविष्य की भूमिका धोनी के निजी फैसले पर निर्भर करेगी।




