Site icon taaza breakingnews

Who saved Virat Kohli’s career?

virat kohli

virat kohli

Who saved Virat Kohli’s career? :कभी-कभी ज़िंदगी में एक सही मौका ही सबकुछ बदल देता है। भारतीय क्रिकेट के लिए भी ऐसा ही एक पल था, जब टीम इंडिया के दो दिग्गज—महेंद्र सिंह धोनी और वीरेंद्र सहवाग—ने एक युवा खिलाड़ी पर भरोसा जताया। यह युवा कोई और नहीं, बल्कि आज का क्रिकेट सम्राट, विराट कोहली था। लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था।

virat kohli

साल 2012 की बात है, जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट का बल्ला खामोश था। लगातार खराब प्रदर्शन ने उनकी जगह टीम में डांवाडोल कर दी थी। चयनकर्ता चाहते थे कि उन्हें टेस्ट टीम से बाहर कर दिया जाए और उनकी जगह रोहित शर्मा को मौका मिले। लेकिन तब कप्तान धोनी ने जो किया, उसने इतिहास रच दिया।

धोनी ने सिर्फ कप्तान बनकर नहीं, बल्कि एक सच्चे मार्गदर्शक बनकर विराट पर भरोसा किया। उन्होंने न केवल चयनकर्ताओं के दबाव को नज़रअंदाज़ किया, बल्कि विराट को एक और मौका देने का फैसला किया। इस फैसले में उनके साथ खड़े थे उपकप्तान वीरेंद्र सहवाग, जिन्होंने साफ कहा कि इस लड़के में हुनर है, बस उसे वक्त चाहिए।

विराट कोहली ने खुद कई बार माना है कि धोनी का यह भरोसा उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था। उन्होंने कहा, “धोनी भाई ने मुझे हमेशा मौका दिया और मुझ पर यकीन किया, जब बाकी सबको शक था।” यही भरोसा था जिसने विराट को आज की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

virat kohli

सोचिए, अगर उस समय धोनी और सहवाग ने चयनकर्ताओं की बात मान ली होती, तो शायद आज क्रिकेट की तस्वीर ही अलग होती। यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि भरोसे, नेतृत्व और सही समय पर लिए गए फैसलों की ताकत की कहानी है।

आज जब विराट कोहली दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेटरों में गिने जाते हैं, तो कहीं न कहीं उनके इस मुकाम के पीछे धोनी और सहवाग की वह अटूट आस्था है, जिसने एक खिलाड़ी को हार मानने से बचाया और उसे एक महानायक बना दिया।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स और बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल खेल प्रेमियों तक यह प्रेरणादायक कहानी पहुँचाना है।

यह भी पड़े क्या Virat kohli और Rohit sharma का आखिरी पड़ाव करीब है? BCCI का बड़ा बयान सामने आया

Exit mobile version