durand cup 2025 :कोलकाता डर्बी सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति, इतिहास और भावनाओं का संगम है। 17 अगस्त को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में खेले गए ड्यूरंड कप 2025 क्वार्टर फाइनल मुकाबले ने इस परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। मैदान पर जहां मोहुन बागान और ईस्ट बंगाल आमने-सामने थे, वहीं स्टैंड्स में बैठे हरे और लाल-पीले रंग के समर्थक अपनी अपनी टीम को चीयर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। इसी दौरान मोहुन बागान फैंस ने ऐसा टिफो प्रदर्शित किया, जिसने सबका दिल छू लिया।
सत्यजीत रे और “जन अरण्य” का जादू
मोहुन बागान के समर्थकों ने महान फिल्मकार सत्यजीत रे की 1976 की क्लासिक फिल्म जन अरण्य से प्रेरित एक टिफो दिखाया। इस टिफो में उस फिल्म के मशहूर दृश्य को दोहराया गया, जिसमें एक युवक से बार-बार पूछा जाता है— “ओ দাদা, पास ना অনার্স?” (ओ दादा, पास या ऑनर्स?)। इसके जवाब में लिखा था— “प्रश्नेर उत्तर आज-ओ मोहुन बागान” (इस सवाल का जवाब आज भी मोहुन बागान है)।
यह दृश्य महज एक फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि बंगाल की फुटबॉल संस्कृति की गहराई को दिखाता है, जहां मोहुन बागान सिर्फ एक क्लब नहीं बल्कि पहचान और गर्व का प्रतीक माना जाता है। दिलचस्प बात यह भी है कि सत्यजीत रे खुद एक जुनूनी फुटबॉल प्रेमी थे और मोहुन बागान को सपोर्ट करते थे।
मैदान पर ईस्ट बंगाल की जीत
जहां स्टैंड्स में भावनाओं का सागर उमड़ रहा था, वहीं मैदान पर ईस्ट बंगाल ने शानदार प्रदर्शन किया। ग्रीक स्ट्राइकर दिमित्रिओस डियामंताकोस ने पहले हाफ में दो गोल दागकर मैच का रुख बदल दिया। वह चोटिल हामिद अहादाद की जगह मैदान पर उतरे थे और 38वें मिनट में पेनल्टी से पहला गोल किया, उसके बाद हाफ टाइम से ठीक पहले बढ़त को दोगुना कर दिया।
दूसरे हाफ में मोहुन बागान ने वापसी की कोशिश की और अनिरुद्ध थापा ने 68वें मिनट में गोल दागा। लेकिन रेड एंड गोल ब्रिगेड (ईस्ट बंगाल) ने बढ़त बनाए रखी और मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने ड्यूरंड कप 2025 के सेमीफाइनल में जगह बना ली, जहां उनका सामना डायमंड हार्बर एफसी से होगा।\
फुटबॉल और संस्कृति का अनोखा संगम
कोलकाता डर्बी हमेशा से सिर्फ फुटबॉल से आगे रही है। यहां मैच के साथ-साथ कला, संस्कृति और लोगों की भावनाओं का भी उत्सव देखने को मिलता है। मोहुन बागान फैंस का यह टिफो न सिर्फ सत्यजीत रे को श्रद्धांजलि था बल्कि बंगाल की उस अनूठी पहचान को भी दर्शाता है, जहां फुटबॉल लोगों की रगों में बहता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध जानकारी और मैच रिपोर्ट पर आधारित है। मैच के आधिकारिक आंकड़े और घटनाएं संबंधित फुटबॉल संगठनों की पुष्टि के अधीन हैं।

